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द्वितीय सत्र

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उत्तराखण्ड विधान सभा के 13 जुलाई, 2009 से 24 जुलाई, 2009 तक चले अधिवेशन के दौरान निष्पादित हुए कार्य का सारांश

उत्तराखण्ड की द्वितीय विधान सभा 2009 का द्वितीय सत्र 13 जुलाई, 2009 को प्रारम्भ हुआ तथा 24 जुलाई, 2009 को अनिश्चित काल के लिए स्थगित हो गया। सत्र में सदन में वित्तीय वर्ष, 2009-10 के आय-व्ययक पर दिनांक 14,15,16,17 व 20 जुलाई, 2009 को चर्चा हुई तथा 21 जुलाई, 2009 को चर्चा एवं मतदान हुआ। सदन में कुछ महत्वपूर्ण विधेयकों पर विचार एवं पारण आदि मुख्य कार्य निष्पादित किये गये। सत्र में कुल मिलाकर 10 उपवेशन हुए।
सत्र के दौरान मा0 सदस्यों की औसत उपस्थिति 95.57ः रही। उपवेशनों के दौरान महत्वपूर्ण कार्य के निष्पादन के पश्चात 24 जुलाई, 2009 को सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया।
सत्र के दौरान सदन द्वारा स्व0 श्री राम चन्द्र जोशी पूर्व सदस्य उत्तर प्रदेश विधान सभा को श्रृद्धांजली अर्पित की गयी। मा0 अध्यक्ष, मा0 संसदीय कार्य मंत्री, कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी एवं उत्तराखण्ड क्रान्ति दल के संसदीय दलों के नेताओं तथा अन्य सदस्यों ने दिवंगत आत्माओं के प्रति शोक संवेदनाएं प्रकट की।
माननीय मुख्यमंत्री ने 14 जुलाई, 2009 को वित्तीय वर्ष, 2009-10 का आय-व्ययक प्रस्तुत किया। जिस पर दिनांक 15,16,17 व 20 जुलाई, 2009 को चर्चा हुई। जिसमें 21 जुलाई, 2009 को चर्चा एवं मतदान हुआ।
सत्र में प्रश्न काल में कुल मिलाकर 33 सदस्यों ने प्रश्नों की सूचनाएं पटल पर रखीं। कुल 769 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हुईं जिसमें तारांकित एवं अतारांकित प्रश्न भी सम्मलित थे। इनमे से 172 को तारांकित, 437 को अतारांकित तथा 16 को अल्पसूचित प्रश्न के रूप में स्वीकार किया गया। कुल 493 प्रश्न पूछे गये तथा उत्तर दिये गये जिनमें से 109 तारांकित, 374 अतारांकित तथा 10 अल्पसूचित प्रश्न थे।     
उत्तराखण्ड विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली के नियम 300 के अर्न्तगत 60 सूचनाएं प्राप्त हुई, जिसमें से 46 स्वीकृत हुई, कार्य स्थगन की 111 सूचनाएं प्राप्त हुई जिसमें से 40 को ग्राह्यता पर सुना गया। सुनने के पश्चात सभी अस्वीकृत हुई। नियम 53 के अर्न्तगत 54 सूचनाएं प्राप्त हुई जिसमंे से 25 स्वीकृत हुई।
13 जुलाई, 2009 को सचिव, विधान सभा ने घोषणा की कि निम्नलिखित विधेयक, जिन्हें विधान सभा द्वारा पारित किया गया था पर महामहिम राज्यपाल की अनुमति प्राप्त हो गयी तथा वे उत्तराखण्ड के अधिनियम बन गए:-

क्र0सं0    नाम    दिनांक    वर्ष 2009
अधिनियम सं0


        सदन द्वारा पारण    अनुमति प्राप्ति    
1    उत्तराखण्ड विनियोग (लेखानुदान) विधेयक, 2009    26.02.2009    02.03.2009    2
2    उत्तराखण्ड (उ0 प्र0 लोक सेवा (शारीरिक रूप से विकलांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित और भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण) अधिनियम, 1973) (संशोधन) विधेयक, 2009    27.02.2009    07.03.2009    3
3    उत्तराखण्ड (उ0प्र0 आमोद और पणकर अधिनियम, 1979) (संशोधन) विधेयक, 2009    27.02.2009    09.03.2009    4
4    उत्तराखण्ड (उ0 प्र0 नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973) अनुकूलन एवं उपान्तरण आदेश, 2006 (संशोधन) विधेयक, 2008    16.12.2008    16.04.2009    5


सत्रावधि में निम्न पत्र सदन के पटल पर रखे गयेः-
1ण्    उत्तराखण्ड क्ष्उ0 प्र0 लोक सेवा (अधिकरण)द्व(संशोधन) अध्यादेश, 2009
2ण्    राजधानी स्थल चयन आयोग की रिपोर्ट
3ण्    संविधान के अनुच्छेद-151 के खण्ड (2) के अधीन भारत के नियन्त्रक-महालेखापरीक्षक से प्राप्त 31 मार्च, 2008 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए उत्तराखण्ड सरकार का प्रतिवेदन
4ण्    उत्तराखण्ड विधान सभा के वर्ष, 2009 के प्रथम सत्र में, उत्तराखण्ड विधान
सभा की प्रक्रिया एवं कार्य-संचालन नियमावली, 2005 के नियम-300 के अन्तर्गत प्राप्त सूचनाओं पर कृत कार्यवाही का विवरण
5ण्    केन्द्रीय विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 105 के अन्तर्गत राज्य विद्युत नियामक आयोग वर्ष, 2007-08 की वार्षिक रिपोर्ट
6ण्    केन्द्रीय विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 104(4) के अन्तर्गत राज्य विद्युत नियामक आयोग वर्ष, 2007-08 की वार्षिक लेखा
7ण्    दिनांक 15 जुलाई, 2009 के सोमवती अमावस्या के पर्व पर हरिद्वार में हुई दुर्घटना की जांच हेतु गठित माननीय न्यायमूर्ति श्री राधेकृष्ण अग्रवाल जांच आयोग की रिपोर्ट
8ण्    दिनांक 20 एवं 21 अप्रैल, 2004 को हरिद्वार में पुलिस एवं जनता के मध्य हिंसा एवं तत्पश्चात् हुए संघर्ष उच्छखल व्यवहार की घटनाओं की जांच हेतु गठित माननीय न्यायमूर्ति श्री इरशाद हुसैन जांच आयोग की रिपोर्ट
विधान सभा द्वारा निम्नलिखित विधेयकों का पुरःस्थापन विचार एवं पारण किया गयाः-
1.    उत्तराखण्ड परा चिकित्सा परिषद विधेयक, 2009
2.    उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय विधेयक, 2009
3.    उत्तराखण्ड उत्तर प्रदेश लोक सेवा (अधिकरण), (संशोधन) विधेयक, 2009
4.    उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश गन्ना (खरीद एवं पूर्ति विनियम) अधिनियम, 1953) (संशोधन) विधेयक, 2009
5.    उत्तराखण्ड विनियोग (लेखानुदान) विधेयक, 2009
सदन द्वारा दिनांक 27 फरवरी, 2009 को पारित पैट्रोलियम एवं ऊर्जा अध्ययन विश्वविद्यालय अधिनियम, 2003 (संशोधन) विधेयक, 2009, जो महामहिम राज्यपाल की अनुमति हेतु अग्रेषित किया गया था, संविधान के अनुच्छेद-200 के प्रथम परन्तुक के अन्तर्गत महामहिम राज्यपाल से प्राप्त निम्न संदेश सहित विधान सभा के पुनर्विचार हेतु वापस प्राप्त हुआ,
‘‘पैट्रोलियम एवं ऊर्जा अध्ययन विश्वविद्यालय अधिनियम 2003 (संशोधन) विधेयक-2009 उत्तराखण्ड विधान सभा में दिनांक 26-02-2009 को पुरःस्थापित किया गया तथा दिनांक 27-2-2009 को उत्तराखण्ड विधान सभा द्वारा पारित कर दिया गया।
उत्तराखण्ड में निम्न लिखित 5 अधिनियम विधान सभा द्वारा पूर्व में पारित किये गये थे, जो निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने के संबंध में थेः-
1ण्    पैट्रोलियम एवं ऊर्जा अध्ययन विश्वविद्यालय अधिनियम 2003 (संशोधन) विधेयक-2009
2ण्    इक्फाई विश्वविद्यालय अधिनियम 2003 (संशोधन) विधेयक-2009
3ण्    देव संस्कृति विश्वविद्यालय अधिनियम 2002 (संशोधन) विधेयक-2009
4ण्    हिमगिरी नभ विश्वविद्यालय (यूनिवर्सिटी इन द स्काई) अधिनियम 2003 (संशोधन) विधेयक-2009
5ण्    पंतजलि विश्वविद्यालय अधिनियम 2006 (संशोधन) विधेयक-2009
         उपरोक्त पांचो अधिनियमों के कुछ प्राविधानों पर संविधान के अनुच्छेद 245 एवं माननीय सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशो के परिप्रेक्ष्य में पुनर्विचार हेतु पांच बिल प्रस्तुत किये गये थे लेकिन विधान सभा द्वारा एक विश्वविद्यालय (पेट्रोलिय एवं ऊर्जा अध्ययन विश्वविद्यालय) के सम्बन्ध में विधेयक पारित कर दिया गया एवं शेष चार विधेयकों को प्रवर समिति को संदर्भित किया गया है, जिसकी रिपोर्ट अपेक्षित है।
संवैधानिक दृष्टिकोण से समानता का सिद्धान्त के परिप्रेक्ष्य में यदि देखा जाय तो पांच निजी विश्वविद्यालय जो सभी राज्य के अधिनियम द्वारा गठित हैं, में से एक के सम्बन्ध में विधेयक पारित कर शेष के सम्बन्ध में उसी बिन्दु पर प्रवर समिति को विधेयक संदर्भित किया जाना संविधान के समानता के सिद्धान्त के विरूद्व होगा।
अतः संविधान के अनुच्छेद 200 के प्रथम परन्तुक के अंतर्गत यह विधेयक इस बिन्दुु पर पुर्नविचार हेतु भेजा जा रहा है कि प्रवर समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरान्त इन चारों बिलों पर विचार किया जाने के साथ ही इस बिल पर भी समानता के आधार पर पुर्नविचार किया जाए।
              बी0 एल0 जोशी
                                राज्यपाल, उत्तराखण्ड
                                    16-4-2009‘‘
    दिनांक 14 जुलाई, 2009 के अधिवेशन में यह विधेयक सदन की सर्वसम्मति से विधान सभा की प्रवर समिति, जो पूर्व से ही इस विषय से संबंधित अन्य विधेयकों पर विचार कर रही है, को सुपुर्द कर दिया गया। दिनांक 24 जुलाई, 2009 के उपवेशन में उक्त समिति का कार्यकाल आगामी एक माह तक के लिए बढ़ा दिया गया।
24 जुलाई, 2009 के उपवेशन की समाप्ति पर मा0 अध्यक्ष द्वारा सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया। 18 अगस्त, 2009 को महामहिम राज्यपाल द्वारा सत्रावसान की घोषणा कर दी गई।